झारखंड के 397 होमगार्ड जवान अब बुझायेंगे आग, दमकल विभाग में होगी प्रतिनियुक्ति, फायरमैन के 78% पद खाली
झारखंड में अग्निशमन विभाग कर्मचारियों की भारी कमी से जूझ रहा है। राज्य में फायरमैन के करीब 78 प्रतिशत पद खाली हैं। कुल 502 स्वीकृत पदों में से सिर्फ 110 पदों पर ही कर्मचारी कार्यरत हैं, जबकि 392 पद खाली पड़े हैं। ऐसे में आग लगने की घटनाओं के दौरान दमकल विभाग को अतिरिक्त सहायता उपलब्ध कराने के लिए सरकार ने नई व्यवस्था की है। इसके तहत 100 महिलाओं समेत कुल 397 होमगार्ड जवानों को अग्निशमन कार्यों के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। ये जवान अब सिर्फ थानों में पेट्रोलिंग और बॉडीगार्ड की ड्यूटी ही नहीं करेंगे, बल्कि आग बुझाने और आग में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में भी दमकलकर्मियों की मदद करेंगे।
फायरमैन के 502 पदों में 392 खाली
झारखंड के अग्निशमन विभाग में कर्मचारियों की कमी लंबे समय से बनी हुई है। विभाग में फायरमैन के कुल 502 पद स्वीकृत हैं, लेकिन इनमें से केवल 110 पदों पर ही कर्मचारी कार्यरत हैं। बाकी 392 पद खाली हैं। इस तरह विभाग में लगभग 78 प्रतिशत पद रिक्त हैं।
पिछले कई वर्षों से नई नियुक्तियां नहीं होने और लगातार कर्मचारियों के सेवानिवृत्त होने के कारण यह स्थिति बनी है। इसका असर आग लगने जैसी आपातकालीन घटनाओं के दौरान विभाग की कार्यक्षमता पर पड़ सकता है। खासकर जब एक ही समय में अलग-अलग इलाकों में आग लगने की घटनाएं सामने आती हैं, तो उपलब्ध कर्मचारियों के लिए सभी जगह तुरंत पहुंचना चुनौती बन जाता है।
100 महिलाओं समेत 397 होमगार्ड जवानों की प्रतिनियुक्ति
फायरमैन की कमी को देखते हुए अग्निशमन विभाग ने होमगार्ड जवानों की मदद लेने का फैसला किया है। इसके तहत 397 होमगार्ड जवानों की प्रतिनियुक्ति की गई है। इनमें 100 महिला होमगार्ड जवान भी शामिल हैं।
ये जवान अब अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों के साथ मिलकर काम करेंगे। जरूरत पड़ने पर आग बुझाने, राहत कार्य चलाने और दुर्घटनास्थल पर फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में सहयोग करेंगे। इससे दमकल विभाग को अतिरिक्त मानव संसाधन मिलेगा और आपातकालीन परिस्थितियों में राहत कार्यों को तेजी से पूरा करने में मदद मिलेगी।
चार केंद्रों में 15 दिनों की ट्रेनिंग
प्रतिनियुक्त किए गए 397 जवानों को चार जोन में बांटकर प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके लिए रांची, पलामू, हजारीबाग और दुमका में क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र बनाए गए हैं। प्रत्येक जवान को 15 दिनों का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण के दौरान जवानों को आग के अलग-अलग प्रकारों और उन्हें बुझाने के तरीकों की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा फायर एक्सटिंग्विशर चलाने, दमकल की पाइपलाइन जोड़ने और बचाव उपकरणों का इस्तेमाल करने का व्यावहारिक प्रशिक्षण भी मिलेगा।
आग में फंसे लोगों को बचाने की भी मिलेगी ट्रेनिंग
सिर्फ आग बुझाना ही नहीं, बल्कि दुर्घटना के दौरान लोगों की जान बचाना भी इस प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। जवानों को आग में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने, भीड़ नियंत्रित करने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की जानकारी दी जाएगी।
15 दिनों का प्रशिक्षण पूरा होने के बाद इन जवानों को राज्य के अलग-अलग जिलों के फायर स्टेशनों में तैनात किया जाएगा। वहां ये प्रशिक्षित जवान नियमित फायरमैन के साथ मिलकर काम करेंगे।
नियुक्ति होने तक होमगार्ड बनेंगे अतिरिक्त मददगार
अग्निशमन विभाग में फायरमैन की बड़ी संख्या में रिक्तियां होने के कारण अतिरिक्त कर्मचारियों की जरूरत महसूस की जा रही है। होमगार्ड जवानों की प्रतिनियुक्ति को इसी कमी के बीच एक वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में देखा जा रहा है।
खासकर गर्मी के मौसम, शॉर्ट सर्किट, औद्योगिक क्षेत्रों में आग लगने और अन्य आपातकालीन घटनाओं के दौरान अतिरिक्त जवानों की मदद महत्वपूर्ण हो सकती है। हालांकि, यह व्यवस्था फायरमैन के खाली पदों पर नियमित नियुक्ति का विकल्प नहीं है। विभाग में स्थायी नियुक्तियां होने से ही कर्मचारियों की कमी का स्थायी समाधान संभव होगा।