चांडिल डैम का भ्रमण करने सपरिवार पहुंचे हेमंत सोरेन
झारखंड का प्रसिद्ध चांडिल डैम आने वाले दिनों में राज्य के बड़े पर्यटन केंद्रों में शामिल हो सकता है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने चांडिल डैम के विकास की संभावनाओं को देखते हुए इसे बेहतर टूरिस्ट स्पॉट के रूप में विकसित करने की दिशा में पहल की है। उन्होंने अधिकारियों को डैम और उसके आसपास के क्षेत्रों में पर्यटन सुविधाएं बढ़ाने, पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाने का निर्देश दिया है। मुख्यमंत्री का मानना है कि चांडिल डैम को योजनाबद्ध तरीके से विकसित किया जाए, तो यह पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार का भी बड़ा माध्यम बन सकता है।
पारिवारिक रस्मों के बाद चांडिल डैम पहुंचे मुख्यमंत्री
दरअसल, बीते मंगलवार, 3 नवंबर को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी मां रूपी सोरेन के निधन के बाद पारिवारिक रस्में निभाने सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल स्थित अपने ननिहाल कंगलाटांड़ पहुंचे थे। यहां उन्होंने संथाली रीति-रिवाजों के अनुसार शोक निवारण और पारिवारिक रस्में पूरी कीं। इसके बाद मुख्यमंत्री अपने परिवार के साथ चांडिल डैम घूमने पहुंचे।
परिवार के साथ चांडिल डैम पहुंचे हेमंत सोेरन
इस दौरान उन्होंने डैम की प्राकृतिक सुंदरता, आसपास की पहाड़ियों और शांत वातावरण का जायजा लिया। मुख्यमंत्री ने मौके पर मौजूद सरायकेला-खरसावां के उपायुक्त के साथ डैम के विकास और यहां पर्यटन की संभावनाओं पर भी चर्चा की। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों को इस दिशा में ठोस योजना तैयार करने का निर्देश दिया।
इको टूरिज्म के लिए चांडिल डैम में हैं काफी संभावनाएं
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि चांडिल डैम में इको टूरिज्म यानी प्रकृति के करीब रहकर पर्यटन को बढ़ावा देने की काफी संभावनाएं हैं। पहाड़ियों और प्राकृतिक नजारों से घिरा यह डैम पर्यटकों को आकर्षित कर सकता है। जरूरत इस बात की है कि यहां आने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
मुख्यमंत्री हेमंत सोेरेन पहुंचे चांडिल डैम
उन्होंने पर्यटकों की सुरक्षा को सबसे जरूरी बताते हुए अधिकारियों को इसके लिए बेहतर व्यवस्था करने का निर्देश दिया। इसके अलावा बोटिंग यानी नौकायन की
सुविधा को भी आधुनिक और व्यवस्थित बनाने पर जोर दिया गया। डैम में आने वाले पर्यटकों के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाओं को विकसित करने की बात भी कही गई।
जल प्रबंधन और बिजली उत्पादन पर भी रहेगा जोर
चांडिल डैम के विकास को लेकर मुख्यमंत्री ने सिर्फ पर्यटन पर ही ध्यान देने की बात नहीं कही, बल्कि जल प्रबंधन और बिजली उत्पादन जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं पर भी काम करने का निर्देश दिया। उन्होंने चांडिल परियोजना से जुड़े कार्यों में तेजी लाने और बिजली उत्पादन एवं संवर्धन की संभावनाओं को लेकर कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
इसका उद्देश्य डैम और इससे जुड़ी परियोजना का बेहतर इस्तेमाल सुनिश्चित करना है, ताकि इसका लाभ पर्यटन के साथ-साथ दूसरे क्षेत्रों को भी मिल सके।
स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों को मिलेगा रोजगार
चांडिल डैम को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने से आसपास के गांवों की अर्थव्यवस्था को भी फायदा पहुंच सकता है। अगर यहां पर्यटकों की आवाजाही बढ़ती है, तो होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन, बोटिंग और स्थानीय उत्पादों से जुड़े कारोबार को बढ़ावा मिल सकता है। इससे स्थानीय युवाओं और ग्रामीणों के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
सीएम हेमंत सोेरेन ने स्थानीय युवाओं एवं ग्रामीणों के रोज़गार पर दिया जोर
हालांकि, मुख्यमंत्री ने विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया है। उन्होंने अधिकारियों को दीर्घकालिक और पर्यावरण के अनुकूल विकास योजना तैयार करने का निर्देश दिया है। उनका कहना है कि चांडिल डैम का विकास इस तरह होना चाहिए, जिससे प्राकृतिक संसाधनों और आसपास के पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे।
पर्यावरण को बचाकर तैयार होगा विकास का खाका
मुख्यमंत्री ने चांडिल डैम के समग्र विकास के लिए एक सस्टेनेबल ब्लूप्रिंट यानी लंबे समय तक काम आने वाली विकास योजना तैयार करने की बात कही है। इसमें पर्यटन सुविधाओं के विस्तार और पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
अब देखना होगा कि अधिकारियों की ओर से तैयार की जाने वाली योजना जमीन पर कब उतरती है। अगर प्रस्तावित सुविधाएं विकसित होती हैं, तो चांडिल डैम आने वाले समय में झारखंड के प्रमुख पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान बना सकता है।