'वोट चोरी' के खिलाफ राहुल गांधी के रामलीला मार्च में शामिल नहीं होगी कॉकरोच जनता पार्टी, सामने आयी बड़ी वजह
दिल्ली के रामलीला मैदान में रविवार, 1 नवंबर को वोट चोरी के आरोपों और SIR के खिलाफ इंडिया गठबंधन की बड़ी रैली हो रही है। इस रैली में राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, हेमंत सोरेन समेत विपक्ष के कई बड़े नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है। हालांकि, इस आंदोलन को समर्थन देने वाली कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने रैली में औपचारिक रूप से शामिल नहीं होने का फैसला किया है। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने इसके पीछे बड़ी वजह बतायी है।
इंडिया गठबंधन की रैली में क्यों शामिल नहीं होगी CJP?
कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने स्पष्ट किया है कि उनका संगठन कथित चुनावी गड़बड़ियों के खिलाफ चल रहे आंदोलन का समर्थन करता है, लेकिन किसी राजनीतिक गठबंधन की रैली में औपचारिक रूप से शामिल नहीं होगा।
दीपके ने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी एक स्वतंत्र संगठन है और वह अपनी पहचान को इसी रूप में बनाए रखना चाहती है। उनके मुताबिक, वोट चोरी के खिलाफ लड़ाई किसी एक राजनीतिक दल या संगठन तक सीमित नहीं है। जो भी संगठन इस मुद्दे पर आवाज उठाएगा, सीजेपी उसका समर्थन करेगी, चाहे उसका राजनीतिक जुड़ाव किसी भी दल से हो।
ममता बनर्जी से मिले अभिजीत दीपके
रामलीला मैदान में होने वाली रैली से एक दिन पहले, शनिवार 31 अक्टूबर को अभिजीत दीपके ने दिल्ली में तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ममता बनर्जी से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने सीजेपी के युवा कार्यकर्ताओं के आंदोलन को समर्थन देने के लिए ममता बनर्जी का आभार जताया।
दीपके ने बताया कि जब सीजेपी ने NEET पेपर लीक के मुद्दे पर पहली बार दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन किया था, तब ममता बनर्जी ने युवाओं के आंदोलन का समर्थन किया था। उन्होंने सीजेपी के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की गिरफ्तारी के समय मिले समर्थन का भी जिक्र किया।
ममता बनर्जी ने की युवा कार्यकर्ताओं की तारीफ
अभिजीत दीपके से मुलाकात के बाद ममता बनर्जी ने सीजेपी के संस्थापक और युवा कार्यकर्ताओं की तारीफ की। उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण और चुनाव आयोग के खिलाफ हुए प्रदर्शनों में उनकी भूमिका की सराहना की।
ममता बनर्जी के मुताबिक, सीजेपी ने रविवार की रैली को पूरा समर्थन दिया है और उनकी ओर से भी संगठन को सहयोग दिया गया है। उन्होंने युवा कार्यकर्ताओं को इस आंदोलन के अगुवा और संस्थापक बताते हुए उनके प्रयासों पर गर्व जताया।
SIR और चुनाव आयोग के खिलाफ क्यों है विरोध?
कॉकरोच जनता पार्टी ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर सवाल उठाए हैं। संगठन का आरोप है कि इस प्रक्रिया से पात्र मतदाताओं के मतदान के अधिकार पर असर पड़ सकता है। इसी मुद्दे पर सीजेपी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की है।
इंडिया गठबंधन की रैली में भी विपक्षी दल कथित चुनावी अनियमितताओं और SIR से जुड़े मुद्दों को उठाने वाले हैं। विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची में किसी भी पात्र नागरिक का नाम नहीं छूटना चाहिए।
स्वतंत्र पहचान बनाए रखना चाहती है CJP
सीजेपी के फैसले से साफ है कि संगठन वोट चोरी के आरोपों के खिलाफ आंदोलन का समर्थन तो करेगा, लेकिन इंडिया गठबंधन की रैली में औपचारिक भागीदारी नहीं करेगा। अभिजीत दीपके के मुताबिक, संगठन की प्राथमिकता स्वतंत्र और निष्पक्ष मंच के रूप में अपनी पहचान बनाए रखना है।
ऐसे में 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली विपक्ष की रैली को सीजेपी का मुद्दों पर समर्थन मिलेगा, लेकिन संगठन खुद इस कार्यक्रम में शामिल नहीं होगा।