रामलीला मैदान में INDIA गठबंधन की रैली के लिये ओपन रूफ गाड़ी से निकले राहुल गांधी, 4 हजार से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात
दिल्ली के रामलीला मैदान में SIR के विरोध में आज रविवार 1 नवंबर को INDIA ब्लॉक की महारैली आयोजित की गयी है। इस महारेैली में शामिल होने के लिए राहुल गांधी ओपन रूफ गाड़ी से रवाना हो चुके हैं। गाड़ी में राहुल गांधी के साथ उनकी बहन प्रियंका गांधी, समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत कई बड़े विपक्षी नेता सवार हैं। वहीं, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी रैली में शामिल होने के लिए दिल्ली में मौजूद हैं। विपक्षी दलों के इस बड़े आयोजन को देखते हुए दिल्ली पुलिस अलर्ट मोड पर है। रैली स्थल से लेकर प्रस्तावित मार्च के रास्ते तक सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
कनॉट प्लेस से रामलीला मैदान तक निकलेगा मार्च
जानकारी के मुताबिक, INDIA ब्लॉक का प्रस्तावित मार्च कनॉट प्लेस से शुरू होकर मिंटो रोड जंक्शन और अजमेरी गेट होते हुए रामलीला मैदान पहुंचेगा। इस मार्च में शामिल होने के लिए INDIA ब्लॉक की 19 पार्टियों के नेता और कार्यकर्ता मिंटो ब्रिज के आसपास जुटे हैं। विपक्षी दलों का यह मार्च मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR और कथित वोट चोरी के आरोपों के खिलाफ आयोजित किया जा रहा है।
मार्च से पहले राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर लोगों से इसमें शामिल होने की अपील की। उन्होंने लिखा, "दिल्ली, तैयार हो जाओ! वोट बचाओ, देश बचाओ। कनॉट प्लेस आइए, साथ चलते हैं। या सीधे रामलीला मैदान में मिलते हैं। मगर आना जरूर है।"
इस आयोजन में बड़ी संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने यातायात और भीड़ प्रबंधन को लेकर भी तैयारी की है।
मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की उठेगी मांग
INDIA ब्लॉक की इस रैली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई जाएगी। विपक्षी दलों का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पात्र मतदाताओं के नाम हटने का खतरा है और इससे उनके मतदान के अधिकार प्रभावित हो सकते हैं। विपक्ष चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग कर रहा है।
विपक्षी दलों ने रैली में 10 लाख से अधिक लोगों के जुटने का दावा किया है। हालांकि, दिल्ली पुलिस का अनुमान करीब 50 हजार लोगों के पहुंचने का है। आयोजकों और पुलिस के अनुमान में इस बड़े अंतर को देखते हुए भीड़ को नियंत्रित करना प्रशासन के लिए अहम चुनौती है।
रैली को लेकर दिल्ली पुलिस अलर्ट मोड पर
रैली में बड़ी संख्या में नेताओं, कार्यकर्ताओं और आम लोगों के शामिल होने की संभावना को देखते हुए दिल्ली पुलिस पूरी तरह सतर्क है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर समेत वरिष्ठ अधिकारियों ने सुरक्षा तैयारियों का जायजा लिया है। पुलिस की प्राथमिकता आयोजन स्थल और मार्च के रास्ते पर कानून-व्यवस्था बनाए रखना, भीड़ को नियंत्रित करना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है।
सुरक्षा व्यवस्था के तहत 4,000 से अधिक पुलिसकर्मियों और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की टुकड़ियों को तैनात किया गया है। पुलिसकर्मियों की तैनाती रैली स्थल के अलावा आसपास की प्रमुख सड़कों और संवेदनशील स्थानों पर भी की गई है।
रामलीला मैदान 14 सुरक्षा जोन में विभाजित
सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए रामलीला मैदान को 14 सुरक्षा जोन में बांटा गया है। प्रत्येक जोन की निगरानी सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) रैंक के अधिकारी को सौंपी गई है। इससे अलग-अलग हिस्सों में सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने और जरूरत पड़ने पर तुरंत कार्रवाई करने में मदद मिलेगी।
मैदान के प्रवेश और निकास द्वारों पर भी सुरक्षा जांच की व्यवस्था की गई है। भीड़ की आवाजाही को व्यवस्थित रखने और प्रवेश द्वारों पर अनावश्यक दबाव से बचने के लिए पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
200 से ज्यादा CCTV कैमरे, ड्रोन से भी निगरानी
रैली के दौरान सुरक्षा व्यवस्था पर नजर रखने के लिए 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इसके अलावा, ड्रोन और पुलिसकर्मियों के बॉडी-वॉर्न कैमरों की मदद से भी गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। रामलीला मैदान के अंदर एक कंट्रोल रूम भी बनाया गया है, जहां से सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी की जाएगी।
इन इंतजामों का उद्देश्य भीड़ की गतिविधियों पर नजर रखना, किसी संदिग्ध गतिविधि की पहचान करना और जरूरत पड़ने पर संबंधित सुरक्षा टीम को तुरंत सूचना देना है। दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी पूरे आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी करेंगे।
रैली की अनुमति मिली, लेकिन मार्च को लेकर स्थिति स्पष्ट
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, रामलीला मैदान में रैली आयोजित करने की अनुमति दी गई है। हालांकि, कनॉट प्लेस-मिंटो रोड जंक्शन से रामलीला मैदान तक प्रस्तावित जुलूस के लिए पुलिस को अलग से आवेदन नहीं मिला था। ऐसे में रैली स्थल की अनुमति और मार्च की अनुमति को अलग-अलग समझना जरूरी है।
प्रस्तावित मार्च के कारण मध्य दिल्ली के कई इलाकों में यातायात प्रभावित होने की आशंका है। मिंटो रोड, अजमेरी गेट और रामलीला मैदान के आसपास वाहनों की आवाजाही पर असर पड़ सकता है।
INDIA ब्लॉक की इस रैली के दौरान एक ओर विपक्षी दल SIR और कथित वोट चोरी के मुद्दे पर अपनी आवाज बुलंद करेंगे, वहीं दूसरी ओर दिल्ली पुलिस के सामने बड़े राजनीतिक आयोजन को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी होगी।