JTET परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्र में मोबाइल फोन रखने पर रोक, ग़लत OMR मिलने पर क्या होगा?
आगामी 1 नवंबर को होने वाली जेटेट परीक्षा को लेकर झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ने कुछ ज़रूरी दिशा निर्देश जारी किये हैं। परीक्षा को पूरी तरह साफ-सुथरा और धांधली-मुक्त कराने के लिए मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। परीक्षा केंद्र के अंदर केवल केंद्राधीक्षक और तैनात मजिस्ट्रेट ही मोबाइल ले जा सकेंगे। इसके अलावा, किसी भी वीक्षक, अन्य कर्मचारी या परीक्षा देने वाले अभ्यर्थी को केंद्र परिसर में मोबाइल लाने की अनुमति नहीं होगी। सभी केंद्रों पर इसका सख्ती से पालन किया जाना अनिवार्य है।
नकल करने पर होगी कार्रवाई
नकल और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी रोकने के लिए केंद्र के सभी सीसीटीवी कैमरों का चालू रहना पूरी तरह अनिवार्य किया गया है ताकि हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सके। सीलबंद प्रश्नपत्र और ओएमआर शीट खोलने की पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए मजिस्ट्रेट को अपने मोबाइल से वीडियो रिकॉर्डिंग करनी होगी। परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी या नकल करते पकड़े जाने वाले अभ्यर्थियों के खिलाफ झारखंड प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम, 2023 के कड़े प्रावधानों के तहत सीधी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
परीक्षा खत्म होने के बाद ओएमआर शीट और अन्य दस्तावेजों के रख-रखाव के लिए भी बेहद स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत परीक्षा में इस्तेमाल की गई ओएमआर शीट को लाल कपड़े में, बिना इस्तेमाल की गई खाली ओएमआर शीट को सफेद कपड़े में और अटेंडेंस शीट को हरे कपड़े में सील किया जाएगा।
त्रुटिपूर्ण ओएमआर शीट मिले, तो क्या करें?
यदि परीक्षा के दौरान किसी अभ्यर्थी को कोई कटी-फटी या त्रुटिपूर्ण ओएमआर शीट मिलती है, तो उसे घबराने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि केंद्राधीक्षक द्वारा उसे तुरंत रिजर्व पैकेट से नई और सही ओएमआर शीट उपलब्ध कराई जाएगी ताकि उसका समय बर्बाद न हो और वह सुचारू रूप से परीक्षा दे सके।
अनुपस्थित रहने पर ये होगी व्यवस्था
इसके अलावा, परीक्षा कक्ष में अनुपस्थित रहने वाले अभ्यर्थियों की जगह पर भी उनके निर्धारित स्थान पर प्रश्नपत्र और ओएमआर शीट रखी जाएगी, और अटेंडेंस शीट में उनके नाम या रोल नंबर के ठीक सामने लाल पेन से स्पष्ट रूप से 'Absent' लिखना अनिवार्य होगा।
वीक्षकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी परीक्षार्थी अपनी तय सीट पर ही बैठें और उपस्थिति दर्ज कराने के बाद ही प्रक्रिया पूरी हो। इन सभी दिशा-निर्देशों का मुख्य उद्देश्य परीक्षा को पूरी निष्पक्षता और शांति के साथ संपन्न कराना है, ताकि योग्य अभ्यर्थियों को उनका हक मिल सके और किसी भी स्तर पर कोई कोताही न बरती जाए।