रांची यूनिवर्सिटी के 5 वोकेशनल कोर्स बंद, 57 विद्यार्थियों का एडमिशन होगा रद्द
रांची यूनिवर्सिटी (RU) ने पांच वोकेशनल कोर्स बंद करने का फैसला लिया है। इन कोर्सों में विद्यार्थियों का नामांकन बेहद कम होने के कारण यह निर्णय लिया गया है। इस फैसले का सीधा असर 57 विद्यार्थियों पर पड़ सकता है, जिनका दाखिला रद्द कर फीस वापस करने की बात कही गई है। इस फैसले से विद्यार्थियों की आगे की पढ़ाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि बीच शैक्षणिक सत्र में दाखिला रद्द होने के बाद इन विद्यार्थियों का भविष्य क्या होगा?
रांची यूनिवर्सिटी के कौन-कौन से कोर्स होंगे बंद?
रांची यूनिवर्सिटी ने जिन पांच वोकेशनल कोर्सों को बंद करने का फैसला लिया है, उनमें तीन पीजी और दो यूजी स्तर के कोर्स शामिल हैं। बंद होने वाले कोर्सों की सूची इस प्रकार है:
- पीजी पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन
- पीजी रूरल डेवलपमेंट
- पीजी आर्कियोलॉजी-म्यूजियोलॉजी
- यूजी आर्कियोलॉजी-म्यूजियोलॉजी
- पीजी ह्यूमन राइट्स
इन कोर्सों में विद्यार्थियों की संख्या निर्धारित सीमा से कम है। इसी वजह से विश्वविद्यालय ने इन्हें आगे संचालित नहीं करने का फैसला लिया है।
20 विद्यार्थियों का नामांकन अनिवार्य
रांची यूनिवर्सिटी की RU Council for Vocational Studies की कोर कमेटी ने सत्र 2025-27 से वोकेशनल कोर्सों के संचालन के लिए न्यूनतम 20 विद्यार्थियों के नामांकन का नियम तय किया है। इस नियम के अनुसार, जिन कोर्सों में 20 से कम विद्यार्थी दाखिला लेंगे, उनमें प्रोविजनल एडमिशन बंद कर दिया जाएगा। इसका असर उन विद्यार्थियों पर पड़ रहा है, जिन्होंने इन कोर्सों में दाखिला लेकर अपनी पढ़ाई शुरू करने की उम्मीद की थी।
57 विद्यार्थियों की पढ़ाई पर संकट
पांच कोर्स बंद होने से 57 विद्यार्थियों का दाखिला रद्द होने और फीस वापस किए जाने की बात सामने आई है। ऐसे में विद्यार्थियों के सामने सबसे बड़ी समस्या अपनी पढ़ाई जारी रखने की है। यदि उनका दाखिला रद्द होता है, तो उन्हें नए सिरे से किसी दूसरे कोर्स या विश्वविद्यालय में प्रवेश लेने का रास्ता तलाशना पड़ सकता है।
मुश्किल यह है कि दूसरे विश्वविद्यालयों में मौजूदा शैक्षणिक सत्र के लिए दाखिले की प्रक्रिया भी काफी पहले बंद हो चुकी है। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए तुरंत किसी दूसरे संस्थान में प्रवेश पाना आसान नहीं होगा। उन्हें अगले सत्र तक इंतजार करना पड़ा, तो उनका एक शैक्षणिक वर्ष भी प्रभावित हो सकता है।
क्या दूसरे कोर्स में होगा विद्यार्थियों का समायोजन?
इस पूरे मामले में सबसे अहम सवाल यह है कि क्या रांची यूनिवर्सिटी इन 57 विद्यार्थियों को दूसरे संबंधित कोर्सों में समायोजित करेगी या उन्हें नए सत्र में दोबारा दाखिला लेना पड़ेगा? क्या विद्यार्थियों की अब तक की पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए विश्वविद्यालय कोई वैकल्पिक व्यवस्था करेगा?
फिलहाल, विद्यार्थियों के लिए आगे की पढ़ाई का रास्ता स्पष्ट होना जरूरी है। फीस वापस करना एक पहलू है, लेकिन उनके शैक्षणिक भविष्य और समय की भरपाई कैसे होगी, यह भी उतना ही महत्वपूर्ण है। विश्वविद्यालय की ओर से समायोजन या आगे की पढ़ाई को लेकर स्पष्ट व्यवस्था सामने आने पर ही विद्यार्थियों को राहत मिल सकती है।