निजी गाड़ियों पर नहीं लिख सकेंगे 'रांची नगर निगम', पकड़े जाने पर होगी जब्ती की कार्रवाई
रांची में अब कोई भी व्यक्ति अपनी निजी गाड़ी पर 'रांची नगर निगम' लिखकर नहीं घूम सकेगा। अगर कोई ऐसा करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसकी गाड़ी जब्त की जा सकती है। खासकर निजी ट्रैक्टर, वाटर टैंकर और सेप्टिक टैंक साफ करने वाले वाहनों पर नगर निगम का नाम लिखकर चलने वालों की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। नगर आयुक्त ने एन्फोर्समेंट अधिकारियों को ऐसे वाहनों की पहचान कर जब्त करने और नियमानुसार सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है।
सेप्टिक टैंक की गंदगी खुले में बहाने का मामला आया सामने
दरअसल, पिछले दिनों रांची के रातू रोड स्थित कब्रिस्तान के पास एक खाली जगह पर सेप्टिक टैंक की गंदगी बहाने का मामला सामने आया था। जिस वाहन से गंदगी बहाई जा रही थी, उस पर 'रांची नगर निगम' लिखा हुआ था। इसकी जानकारी मिलने के बाद नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और वाहन को पकड़कर जांच की।
जांच के दौरान पता चला कि संबंधित वाहन का रांची नगर निगम में कोई रजिस्ट्रेशन नहीं था। इसके बावजूद उस पर निगम का नाम लिखा हुआ था। इस घटना के बाद नगर निगम प्रशासन ने ऐसे वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का फैसला लिया है।
100 से ज्यादा वाहन, लेकिन सिर्फ 17 का रजिस्ट्रेशन
जांच में यह भी सामने आया है कि रांची शहर में सेप्टिक टैंक की सफाई के लिए 100 से ज्यादा निजी वाहन चल रहे हैं। लेकिन इनमें से केवल 17 वाहनों का ही नगर निगम में रजिस्ट्रेशन है। यानी बड़ी संख्या में वाहन बिना रजिस्ट्रेशन के इस काम में लगे हुए हैं।
नगर निगम के नियमों के अनुसार, निजी वाहन मालिक सेप्टिक टैंक की सफाई का काम कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए संबंधित वाहन का निगम में रजिस्ट्रेशन कराना जरूरी है। बिना रजिस्ट्रेशन के इस तरह का काम करने वाले वाहनों पर कार्रवाई हो सकती है।
पुराने निगम वाहनों पर अब भी लिखा है नगर निगम का नाम
नगर निगम की जांच में एक और महत्वपूर्ण बात सामने आई है। दरअसल, कुछ ट्रैक्टर पहले रांची नगर निगम के लिए कूड़ा उठाने का काम करते थे। उस समय उन पर 'रांची नगर निगम' लिखा गया था। बाद में जब इन वाहनों से कूड़ा उठाने का काम बंद हो गया और मालिकों ने उनका इस्तेमाल निजी काम में करना शुरू कर दिया, तब भी वाहनों से निगम का नाम नहीं हटाया गया।
अब नगर निगम ऐसे सभी वाहनों की पहचान करेगा। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जिन निजी वाहनों पर निगम का नाम लिखा है और जिनका रजिस्ट्रेशन नहीं है, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
अवैध वाहनों पर शिकंजा कसने की तैयारी
इस कार्रवाई के जरिए नगर निगम शहर में निजी और सरकारी वाहनों के बीच अंतर स्पष्ट करना चाहता है। साथ ही सेप्टिक टैंक की सफाई के नाम पर खुले स्थानों पर गंदगी बहाने जैसी गतिविधियों पर भी रोक लगाने की कोशिश की जा रही है।
अब निजी ट्रैक्टर, वाटर टैंकर और सेप्टिक टैंक वाहनों की जांच की जाएगी। ऐसे में अगर कोई वाहन बिना जरूरी रजिस्ट्रेशन के नगर निगम का नाम लिखकर चलता पाया जाता है, तो उसके खिलाफ जब्ती समेत सख्त कार्रवाई हो सकती है।