झारखंड झारखंड

मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने मुख्य सचिव को लिखा पत्र, लालफीताशाही पर उठाए सवाल

मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने लिखा मुख्य सचिव को पत्र
मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने लिखा मुख्य सचिव को पत्र

झारखंड सरकार के वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने राज्य में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक सरल, सुगम और पारदर्शी बनाने की सरकार की मंशा पर जोर देते हुए मुख्य सचिव को एक महत्वपूर्ण पत्र लिखा है। इस पत्र के माध्यम से उन्होंने प्रशासनिक प्रक्रियाओं की जटिलता को कम करने और दफ्तरों में चली आ रही 'लालफीताशाही' की मानसिकता को पूरी तरह समाप्त करने की जरूरत बताई है। मंत्री का साफ कहना है कि किसी भी प्रशासनिक व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों और सरकारी पदाधिकारियों को अनावश्यक परेशानियों से बचाना होना चाहिए।

प्रशासनिक कामकाज सुगम हो

वित्त मंत्री ने अपने पत्र में इस बात पर विशेष प्रकाश डाला है कि जिस तरह से वर्तमान समय में व्यापार और कारोबार को बढ़ावा देने के लिए नियमों को आसान और लचीला बनाने पर जोर दिया जाता है, बिल्कुल उसी तर्ज पर प्रशासनिक कामकाज के नियमों को भी सरल करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि जब राज्य में उद्योग-धंधों के लिए 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' पर काम हो रहा है, तो ठीक उसी तरह आम नागरिकों और सरकारी कर्मियों की सहूलियत के लिए 'ईज ऑफ लिविंग' और 'ईज ऑफ गवर्नेंस' की दिशा में भी ठोस और व्यावहारिक पहल की जानी चाहिए।

मानव संपदा पोर्टल की समय-सीमा पर उठाए सवाल

पत्र का एक अहम हिस्सा मानव संपदा पोर्टल (HRMS) से जुड़ा हुआ है। वित्त मंत्री ने पुलिस संघ के पदाधिकारियों की उस मांग का समर्थन किया है जिसमें संपत्ति का विवरण जमा करने के लिए पोर्टल को दोबारा खोलने की गुहार लगाई गई थी।

दरअसल, जब पुलिस संघ के पदाधिकारियों ने इस संबंध में लिखित ज्ञापन सौंपा था, तो उन्हें यह जवाब मिला था कि पोर्टल खोलने का निर्धारित समय केवल जनवरी और फरवरी का महीना है, इसलिए इसे बीच साल में नहीं खोला जा सकता। इस रवायत पर सवाल उठाते हुए मंत्री ने कहा कि यदि लगभग 300 पुलिस पदाधिकारी किसी अपरिहार्य कारण या व्यस्तता के चलते तय समय सीमा के भीतर अपनी संपत्ति का विवरण ऑनलाइन जमा नहीं कर पाए हैं, तो उनके लिए साल के बीच में भी पोर्टल का खुलना जरूरी है। उन्होंने तर्क दिया कि विशेष परिस्थितियों में पोर्टल खोलने से कार्मिक विभाग को किसी भी तरह का प्रशासनिक नुकसान नहीं उठाना पड़ेगा।

हर तीन महीने पर पोर्टल खोलने का सुझाव

कर्मचारियों की इस समस्या का स्थाई समाधान निकालते हुए वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने मुख्य सचिव को एक बहुत ही उपयोगी सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि जनवरी-फरवरी के निर्धारित समय के अलावा, साल में प्रत्येक तीन महीने (त्रैमासिक) पर सात दिनों के लिए एचआरएमएस पोर्टल को खोला जाना चाहिए।

इस व्यवस्था के लागू होने से उन तमाम पदाधिकारियों और कर्मचारियों को बड़ी राहत मिल सकेगी, जो किसी न किसी वजह से तय अवधि में अपनी संपत्ति का ब्योरा नहीं दे पाते हैं। अंत में उन्होंने दोहराया कि आम जनता और सरकारी कर्मियों के जीवन को सुगम बनाने के लिए प्रशासनिक और तकनीकी प्रक्रियाओं को हमेशा लचीला और व्यावहारिक रखा जाना चाहिए।

शेयर करें WhatsApp X Facebook

संबंधित खबरें