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बादल पत्रलेख को मंत्रीपद से क्यों हटाया जा रहा है ?

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झारखण्ड सरकार के कैबिनेट में फिलहाल दो मंत्रियों की कुर्सी खली पड़ी है. एक तो सरकार गठन के बाद से ही खली है. और दूसरी आलमगीर आलम के गिरफ्तार होने के बाद खली हुई. लेकिन अब खबर आयी है कि इन खली पड़े कुर्सियों के लिए प्रबल उमीदवार मिल गए हैं. तो कौन हैं वो दो विधयक जो अब चम्पई सरकार में मंत्री बनने जा रहे हैं ? इस बात को जानने से पहले मंत्री पद को लेकर हुए मेलोड्रामा को जान लेते हैं.

सबसे पहले उस कुर्सी के बारे में बात करते हैं, जो सरकार गठन के बाद से ही खली है. यानि कि 12वें मंत्री की कुर्सी. चलिए थोड़ा फ्लैशबैक में चलते हैं. नया साल का दूसरा महीना था. पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के गिरफ़्तारी के बाद. राज्य सरकार में अस्थिरता आ चुकी थी. इंडिया गठबंधन, सरकार बचाने की जद्दोजहद में थी. दूसरी तरफ NDA तख्तापलट करने की हर संभावनाएं तलाश रहा था. इसीबीच कांग्रेस 12 कुछ विधायक नाराज़ हो गए. और नाराज़गी की वजह थी 12 वे मंत्री की कुर्सी और सात ही यह भी मांग थी कि चार पुराने मंत्रियों को रेप्लस किया जाये. मामला यहीं नहीं रुका नाराज़ विधायक अपनी मैग को लेकर दिल्ली कूंच कर गए. हालाँकि दिल्ली में सभी नाराज़ विधयकों को आश्वासन देकर फिर झारखण्ड भेजा गया. लेकिन इसके बाद भी 12 वें मंत्री का पद खाली रहा. लेकिन अब यह खाली पद को भरे जाने की खबर आयी है.

चलिए दूसरे मंत्रिपद की बात करते हैं. ग्रामीण विकास विभाग से पूर्व मंत्री आलमगीर आलम की टेंडर कमिशन घोटाला मामले में गिरफ्तार होने और मंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद से यह पद खाली है.

चलिए अब जानते हैं कि चम्पई सरकार में किस किस के मंत्री बनने का चांस है और किस एक मंत्री का पत्ता काट सकता है.

झारखंड के मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन की कैबिनेट में लातेहार विधायक वैद्यनाथ राम और कांग्रेस के जामताड़ा विधायक डॉ इरफान अंसारी की इंट्री होगी. दोनों को मंत्री बनाने पर औपचारिक सहमति मंगलवार को पूर्व सीएम हेमंत सोरेन और कांग्रेस के झारखंड प्रभारी गुलाम अहमद मीर के मुलाकात दौरान बनी है. संभव है कि इस हफ्ते मंत्रिमंडल का विस्तार हो.

वहीँ दूसरी तरफ जरमुंडी विधायक वहीं और मंत्री बादल को भी बदलने की तैयारी है. बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेतृत्व बादल पत्रलेख के काम से खुश नहीं है. सूत्रों की माने तो मंत्री बादल पर लोकसभा चुनाव के दौरान पार्टी प्रत्याशी का पूरा साथ नहीं देने और उनका एक ऑडियो वायरल होने पर आलाकमान नाराज है. इसी नाराजगी का खामियाजा उन्हें मंत्री पद खोकर चुकाना पड़ सकता है.बता दें कि, लोकसभा चुनाव के दौरान उनके विधानसभा क्षेत्र में कांग्रेस प्रत्याशी को कम वोट मिले थे. चर्चा है कि उनकी जगह महगामा विधायक दीपिका पांडेय को मौका मिल सकता है क्यूंकि महगामा में कांग्रेस प्रत्याशी को अच्छी लीड मिली थी.

बता दें कि कांग्रेस कोटे से आलमगीर के इस्तीफे के बाद डॉ इरफान का मंत्री बनना पहले से तय था. 12वें मंत्री को लेकर कांग्रेस और झामुमो के बीच दावा होता रहा है. विधानसभा चुनाव नजदीक है, ऐसे में खबर है कि, झामुमो की ओर से वैद्यनाथ राम के नाम पर औपचारिक सहमति बन गई है.

कैबिनेट विस्तार चर्चा के बीच झारखंड कांग्रेस प्रभारी गुलाम अहमद मीर रांची पहुंचे और पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात की. बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं की मुलाकात में मंत्रिमंडल विस्तार पर चर्चा हुई और सहमति बनी. गुलाम अहमद मीर ने कहा कि विधानसभा चुनाव के लिए जल्द ही गठबंधन का खाका तैयार कर लिया जाएगा और चुनाव अभियान शुरू किया जाएगा.

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