हेमंत सोरेन के जेल से बाहर आते ही झारखंड की राजनीति कितना बदल जाएगा…

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Ranchi : पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जमीन घोटाले के मनी लॉन्ड्रिंग मामले में झारखंड हाईकोर्ट से मिली जमानत

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जमीन घोटाला मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने जमानत दे दी है। उन्हें 50 हजार रुपये के मुचलके पर जमानत मिली है और वह जेल से बाहर आ जाएंगे।

इस फैसले का झारखंड की राजनीति पर काफी असर पड़ सकता है। तो आईये एक एक करके समझने की कोशिश करते हैं कि हेमंत सोरेन के जेल से बाहर के बाद झारखण्ड की राजनीती में क्या कुछ बदलाव हो सकता है.

सबसे पहले तो विधानसभा चुनाव से पहले हेमंत सोरेन के जेल से बाहर आने से उनकी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा में और उनके समर्थकों को नई ऊर्जा मिलेगी। वे अपने मतदाताओं को यह संदेश देने का प्रयास करेंगे कि उन्हें गलत तरीके से फंसाया गया था।

लोकसभा चुनाव के दौरान हेमंत सोरेन की कमी महसूस की गई थी, लेकिन तब उनकी पत्नी कल्पना सोरेन ने मोर्चा संभाला था और पांच सीट गठबंधन के खाते में आई। अब देखना होगा कि गठबंधन और सरकार का पावर सेंटर कौन होता है?

हेमंत सोरेन के जेल से बाहर आने से दिल्ली यानि इंडिया ब्लॉक तमाम दलों के साथ बातचीत करने में आसानी होगी। झारखंड में JMM, कांग्रेस और राजद की मिली जुली सरकार है, साथ ही आने वाले विधानसभा चुनाव में सीट शेयरिंग को लेकर वे JMM को मजबूती दे सकते हैं।

पहले जेल में हेमंत सोरेन नेताओं से बात करके संगठन और झारखंड की राजनीति के बारे में जानकारी लेते थे। अब वे जब जेल से बाहर आ जाएंगे तो प्रदेश में घूमकर जमीनी हकीकत से रु-बा-रु होंगे और विधानसभा चुनाव की रणनीति तैयार कर सकेंगे।

ऐसी संभावना व्यक्त की जा रही है कि सरकार और पार्टी का स्ट्रेक्चर नहीं बदलेगा, क्योंकि उन्हें अभी केवल जमानत मिली है।

बता दें कि हेमंत सोरेन को जमानत मिलने की खबर सुनते ही झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) के कार्यकर्ताओं में खुशी की लहर दौड़ पड़ी. हेमंत सोरेन को 31 जनवरी 2024 को जांच एजेंसी ईडी ने लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया था.

गिरफ्तारी से पहले उन्होंने मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था. इसके बाद प्रदेश की कमान चंपाई सोरेन के हाथों में दी गई.

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