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JSSC-CGL की परीक्षा रद्द नहीं होगी, अब न्याय की खातिर हाईकोर्ट जायेंगे अभ्यर्थी

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JSSC-CGL की परीक्षा रद्द नहीं होगी.

झारखंड राज्य कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) ने आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों को आश्वासन दिया है कि पेपर लीक के आरोपों की जांच कर रही जांच टीम की रिपोर्ट आने तक परीक्षा का परिणाम जारी नहीं किया जायेगा.

सोमवार (30 सितंबर) को अभ्यर्थियों ने आयोग के दफ्तर का घेराव किया.

झारखंड के विभिन्न जिलों से पहुंचे करीब 25,000 अभ्यर्थियों ने पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच, 21 और 22 सितंबर को संपन्न हुई परीक्षा को रद्द करने और नये सिरे से परीक्षा आयोजित कराने की मांग की थी.

आयोग दफ्तर के सामने खुले मैदान में हल्की बारिश के बीच भी अभ्यर्थी भारी संख्या में मौजूद रहे.

इस दौरान लाउड-स्पीकर पर लगातार अभ्यर्थियों से संयम बरतने की अपील की जाती रही.

गौरतलब है कि आयोग दफ्तर का अभ्यर्थियों द्वारा घेराव करने की सूचना पर जिला प्रशासन द्वारा परिसर के 500 मी. के दायरे में धारा-144 लगा दी गयी थी.

हालांकि, इसके बावजूद अभ्यर्थी पहुंचे और आयोग के समक्ष अपनी मांगें रखीं.

जेएसएससी कार्यालय के बाहर उमड़ा अभ्यर्थियों का हुजूम
आयोग दफ्तर के बाहर से सामने आई तस्वीरों में अभ्यर्थियों का भारी हुजूम दिखा.

देर शाम अभ्यर्थियों ने स्मार्टफोन की फ्लैश लाइट जलाकर अपना समर्थन जताया.

गौरतलब है कि आयोग ने अभ्यर्थियों के आरोपों की सत्यता की जांच के लिए 2 सदस्यीय जांच टीम का गठन किया है लेकिन अभ्यर्थियों की मांग है कि मामले की जांच सीबीआई को सौंपी जाये. 21 और 22 सितंबर को विभिन्न सेंटरों में आयोजित हुई परीक्षा को रद्द किया जाये और नये सिरे से परीक्षा का आयोजन हो.

बता दें कि जनवरी 2024 में आयोजित हुई परीक्षा में भी पेपर लीक के आरोप लगे थे. तब परीक्षा को रद्द कर सरकार ने एसआईटी का गठन किया था जिसकी जांच रिपोर्ट अब तक नहीं आई है.

तब पेपर लीक मामले में पुलिस ने विधानसभा के भी 2 कर्मियों को पकड़ा था.

प्रश्न पत्र का सील टूटने से लेकर ये हैं गंभीर आरोप

गौरतलब है कि 21 और 22 सितंबर को आयोजित हुई जेएसएससी सीजीएल की परीक्षा में हजारीबाग सहित अन्य जिलों में प्रश्न पत्र का सील पहले से ही टूटा हुआ होने का आरोप अभ्यर्थियों ने लगाया.

अभ्यर्थियों ने यह भी दावा किया कि 2019 और 2021 में सेंट्रल एसएससी की टियर-1 और टियर-2 में पूछे गये रीजनिंग और गणित के प्रश्न पत्र को ही हुबहू जेएसएससी सीजीएल की परीक्षा में पूछ लिया गया.

कई अभ्यर्थियों ने कथित सबूत के साथ यह भी दावा किया कि जेएसएससी सीजीएल की रद्द हो चुकी परीक्षाओं का प्रश्न पत्र भी रिपीट किया गया.

मुख्यमंत्री हालांकि इस प्रकरण में धांधली के आरोपों को मीडिया ट्रायल बता चुके हैं.

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