झारखंड के युवाओं को UPSC, JPSC की मुफ्त कोचिंग करायेगी सरकार, सीएम हेमंत सोरेन ने दी प्रस्ताव को मंजूरी
झारखंड के प्रतिभाशाली और आर्थिक रूप से कमजोर युवाओं के लिए प्रशासनिक सेवा में जाने का सपना अब आसान होने जा रहा है। राज्य सरकार UPSC, JPSC जैसी सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी के लिए युवाओं को पूरी तरह मुफ्त कोचिंग और मुफ्त कोचिंग मुहैया कराएगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इससे जुड़े एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को हरी झंडी दे दी है। उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग द्वारा तैयार किए गए इस प्रस्ताव का नाम ‘सीएम ट्रेनिंग एंड मेंटरशिप स्कीम फॉर सिविल सर्विसेज एग्जामिनेशन’ रखा गया है। जल्द ही इस योजना को अंतिम मंजूरी के लिए राज्य कैबिनेट की बैठक में पेश किया जाएगा।
हर साल 100 युवाओं का होगा चयन
इस महत्वाकांक्षी योजना के तहत राज्य सरकार हर साल मेधावी 100 अभ्यर्थियों का चयन करेगी। चुने गए छात्रों को यूपीएससी, जेपीएससी, बीपीएससी समेत अन्य राज्यों की सिविल सेवा परीक्षाओं की तैयारी के लिए उच्च स्तरीय कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी। इस योजना को जमीन पर उतारने के लिए राजधानी रांची के प्रतिष्ठित संत जेवियर्स कॉलेज को पार्टनर संस्थान बनाया जा रहा है। कैबिनेट की अंतिम मुहर मिलते ही झारखंड राज्य उच्च शिक्षा परिषद और संत जेवियर्स कॉलेज प्रशासन के बीच एक समझौते पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसके बाद तय प्रक्रिया के आधार पर कोचिंग की शुरुआत होगी।
13 महीने की होगी योजना की अवधि
चयनित अभ्यर्थियों को यह नि:शुल्क प्रशिक्षण कुल 13 महीनों की अवधि के लिए प्रदान किया जाएगा, जिसे परीक्षा के अलग-अलग चरणों के अनुसार बांटा गया है। शुरुआती 9 महीनों तक प्रारंभिक परीक्षा यानी पीटी की गहन तैयारी कराई जाएगी। इसके बाद पीटी पास करने वाले छात्रों को अगले 3 महीनों तक मुख्य परीक्षा यानी मेन्स के लिए उत्तर-लेखन और पाठ्यक्रम की कोचिंग मिलेगी। अंत में मुख्य परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करने वाले छात्रों को 1 महीने तक मॉक इंटरव्यू और व्यक्तित्व विकास का विशेष सत्र दिया जाएगा। इसके साथ ही अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में स्टडी मटेरियल और टेस्ट सीरीज मुफ्त में उपलब्ध कराई जाएगी।
जानिए कौन उठा सकता है इस योजना का लाभ
सरकार का मुख्य उद्देश्य राज्य के ग्रामीण, जनजातीय और गरीब पृष्ठभूमि से आने वाले उन होनहार युवाओं को अवसर देना है जो संसाधनों और महंगी कोचिंग फीस के अभाव में बड़े सपनों से वंचित रह जाते हैं। इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक के परिवार की वार्षिक आय 8 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके अलावा अभ्यर्थी के पास झारखंड का वैध स्थानीय निवासी प्रमाण पत्र और आवश्यक शैक्षणिक योग्यता के दस्तावेज होना अनिवार्य है। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे राज्य के हजारों युवाओं के लिए सरकार का यह कदम एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।