बिहार में 100 फीसदी डोमिसाइल लागू होगा.
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने बुधवार को यह वादा किया. तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में हमारी सरकार बनी तो स्थानीय नीति बनेगी. यहां 100 फीसदी डोमिसाइल लागू होगा.
उन्होंने दावा किया कि विशेषज्ञों और कानून के जानकारों से विचार विमर्श करने के बाद ही उन्होंने 100 फीसदी डोमिसाइल लागू करने का वादा किया है.
तेजस्वी यादव ने कहा कि झारखंड में भी स्थानीय नीति लागू करने का प्रयास किया गया था. वहां विधानसभा से कानून भी पारित हुआ लेकिन कोर्ट में मामला फंस गया. इसमें संवैधानिक अड़चनें आ गईं. स्थानीय नीति नहीं बन पाई लेकिन बिहार में यह होकर रहेगा.
गौरतलब है कि आज तेजस्वी यादव पटना के मिलर हाईस्कूल में युवा राजद द्वारा आयोजित युवा चौपाल को संबोधित कर रहे थे.
बिहार में सरकार बनते ही 100% डोमिसाइल लागू करेंगे @yadavtejashwi जी
आज पटना में युवा चौपाल में तेजस्वी जी का युवाओ के लिए ऐतिहासिक ऐलान
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— King Yadav (@ImKingYadav) March 5, 2025
तेजस्वी यादव ने रोजगार पर क्या कहा!
तेजस्वी यादव ने इस कार्यक्रम में स्थानीय नीति लाने का वादा करते हुए कहा कि प्रदेश की आधे से ज्यादा आबादी 25 साल से कम की है. सरकार की उम्र 20 साल से ज्यादा हो गई. इस सरकार में और युवाओं के सपनों एवं आकांक्षां के बीच तालमेल नहीं है.
सरकार में बैठे लोगों की सोच कालग्रस्त, अप्रचलित और रुढ़िवादी है.
तेजस्वी यादव ने कहा कि बिहार में 18-23 वर्ष के आय़ुव वर्ग के युवाओं के लिए बिहार में प्रति 1 लाख की आबादी पर महज 7 कॉलेज हैं. कुल 534 प्रखंडों में 398 डिग्री कॉलेज हैं. हमें उच्च शिक्षा में अवसरों को बढ़ाना है.
तेजस्वी यादव ने दावा किया कि बिहार की 83 फीसदी ग्रामीण युवा आबादी बेरोजगार है. तेजस्वी यादव ने दावा किया कि स्थानीय नीति लागू होने से रोजगार के अवसरों में बिहार के युवाओं के लिए मौके बढ़ेंगे.
झारखंड में स्थानीय नीति का आधार क्या है!
गौरतलब है कि झारखंड में भी हेमंत सोरेन सरकार ने स्थानीय नीति लाने का प्रयास किया.
सितंबर 2022 में सरकार ने कैबिनेट से खतियान आधारित स्थानीय नीति का प्रस्ताव पास किया. नवंबर 2022 में सदन में स्थानीय नीति कानून पारित हुआ. इसे केंद्र की मंजूरी के लिए भेजा गया लेकिन राज्यपाल ने 2 बार इस बिल को वापस लौटा दिया.
इस बिल के मुताबिक, जिन लोगों के पास 1932 का खतियान होगा, वही झारखंड का स्थानीय निवासी माना जाएगा. हालांकि, कई धड़ों ने इस बिल का विरोध किया.