हत्याकांड

Extreme Bar Case: मर्डर केस में पुलिस का चौंकाने वाला खुलासा

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रांची के एक्सट्रीम बार में हुए डीजे हत्याकांड में अभी भी दो आरोपी फरार हैं, जबकि पुलिस ने कुल 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। हत्यारा अभिषेक भी पुलिस की जांच में बड़े वाहन चोर गिरोह का सरगना निकला है। शनिवार को रांची के एसएसपी चंदन सिन्हा ने प्रेस कांफ्रेंस कर बार मर्डर केस में हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार की बरामदगी समेत कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं.

एसएसपी ने बताया कि रांची के चुटिया थाना क्षेत्र के एक्सट्रीम बार में संदीप प्रमाणिक उर्फ सैंडी की हत्या में इस्तेमाल किए जाने वाला राइफल को पुलिस ने बरामद कर लिया है। राइफल को तुपुदाना ओपी क्षेत्र के इंसलरी में लक्ष्य ऑटोमोबाइल स्थित एक कार में छिपा कर रखा गया था। पुलिस ने हथियार के साथ 30 गोली, तीन खोखा, एक मैग्जीन के अलावा चार वाहन भी जब्त किए हैं.

मुख्य आरोपी अभिषेक सिंह के बड़े भाई रोशन सिंह ने पूरी प्लानिंग की थी। घटना के बाद रोहन ने ही अपने गिरोह के तीन साथियों के जरिए अभिषेक से हथियार लिया और छिपा रखा था। मामले में पुलिस ने पंकज कुमार उर्फ सोनू सिंह, सुमित सिंह उर्फ रोबिन्स कुमार और आलोक कुमार को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पंकज और सुमित अभिषेक का कर्मचारी है, जबकि आलोक और रोशन दोनों दोस्त हैं.

पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि आरोपी अभिषेक सिंह वाहन चोर गिरोह का सरगना है और उसका भाई रोहन चोरी की घटना की पूरी प्लानिंग करता है। इस गिरोह के सदस्यों के बीच काम का बटा हुआ था। गाड़ी चोरी करने में मुख्य भूमिका बिहार का अनवर निभाता है। वह लॉक को तोड़ता था और चोरी की गाड़ी को खपाया भी करता था.

एसएसपी ने बताया कि अनवर की तलाश की जा रही है। उसके पकड़े जाने पर कई और राज खुलेंगे। मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी चंदन कुमार सिन्हा ने बताया कि एक्सट्रीम बार हत्याकांड मामले में पुलिस ने कुल 20 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। वहीं, दो आरोपी अभी फरार चल रहे हैं, जिसकी तलाश में पुलिस टीम जुटी हुई है.

मुख्य आरोपी के बड़े भाई ने की थी पूरी प्लानिंग

एसएसपी ने बताया कि मुख्य आरोपी अभिषेक ने डीजे सैंडी की हत्या करने के बाद सीधे धुर्वा पहुंचा था। घटना के बाद आरोपी अभिषेक ने अपने बड़े भाई रोशन को पूरी जानकारी दी थी लेकिन इसी बीच अभिषेक की गाड़ी धुर्वा में एक्सीडेंट हो गई। अभिषेक की सूचना पर बड़े भाई रोशन अपने दो स्टाफ पंकज और सुमित को एक कार लेकर अभिषेक के पास भेज दिया.

अभिषेक ने उन दोनों को हथियार दिया और कार में बैठकर बिहार की तरफ भाग गया। रोशन के कहने पर स्टाफों ने उस हथियार को गैरेज में ही एक कार में छुपाकर रख दिया था। पुलिस की पूछताछ में आरोपी अभिषेक ने हथियार के बारे में पूरी जानकारी बतायी। एसएसपी ने बताया कि अभिषेक को कार मुहैया कराने से लेकर भागने की पूरी प्लानिंग उसके बड़े भाई रोशन ने ही की थी.

बार मर्डर केस में अब तक 20 आरोपी गिरफ्तार

अभिषेक सिंह उर्फ विक्की, सेल सिटी पुंदाग, अशोक कुमार सिंह, सेल सिटी पुंदाग (अभिषेक का पिता), प्रतीक, बिजुलिया रामगढ़, समरुद्दीन, मृत्युंजय कुमार उर्फ मिथुन, खेलगांव होटवार, देवा, लातेहार, प्रकाश, बोकारो, राहुल बिहार के सिवान, के अलावा बार के विशाल सिंह (बार संचालक), विकास नगर कांके, तुषार कांती दास (मैनेजर), केतारीबागान नामकुम, अजीत कुमार सिंह (बाउंसर), अशोक नगर, शुभम कुमार (मैनेजर), लटमा रोड, सिंह मोड़, सफीर अहमद (बाउंसर) कांके रोड, विशाल साहू (बार संचालक के मित्र) अशोक नगर, उदय शंकर सिंह (लैंड लॉर्ड) कासीचक नवादा, पंकज अग्रवाल (सहयोगी) ईटकी रोड, मनीष कुमार उर्फ रवि कुमार (सहयोग) पिस्का मोड़.

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