क्या हेमंत सोरेन की कुर्सी फिर से छीन जाएगी ?

, , ,

Share:

Ranchi : क्या हेमंत सोरेन की कुर्सी फिर से छीन जाएगी ? क्या मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर फिर से गिरफ्तारी की तलवार लटकनी शुरू हो गई है ? ये सवाल अब हर किसी के जहन में उठ रहा होगा. दरअसल बीते सोमवार को हेमंत सोरेन की जमानत को ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दे दी है, और सुप्रीम कोर्ट इस मामले में जल्द ही सुनवाई करने वाली है.

ईडी की चुनौती पर पक्ष और विपक्ष ने  का क्या कुछ कहा है. बता दें कि 28 जून को हाईकोर्ट के जस्टिस रंगन मुखोपाध्याय की अदालत ने हेमंत सोरेन को जमानत की सुविधा प्रदान की थी. अदालत ने उन्हें 50-50 हजार रुपये के दो निजी मुचलके पर रिहा करने का आदेश दिया था.

जिसके बाद जेल से निकलते ही 4 जुलाई को हेमंत सोरेन ने सीएम पद की शपथ ली और सोमवार को विधानसभा में विश्वास मत साबित किया. लेकिन सत्ता संभालते ही फिस से हेमंत सोरेन की मुश्किलें बढ़ गई है.

हेमंत सोरेन की जमानत को ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती

सोमवार 8 जुलाई को एक ओर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन विधानसभा में बहुमत साबित कर रहे तो दूसरी ओऱ हेमंत की सरकार बनते ही हेमंत सोरे की जमानत के खिलाफ ED सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई.

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए ED ने हाईकोर्ट के जमानत के आदेश को गैरकानूनी बताया है. साथ ही ED ने अपने आवदेन में कहा है कि हाईकोर्ट की टिप्पणी पक्षपातपूर्ण है. इसके अलावे ईडी ने सुप्रीम कोर्ट से हेमंत सोरेन की जमानत खारिज करने की मांग की है.

ईडी की चुनौती पर पक्ष और विपक्ष ने क्या कहा…

हेमंत सोरेन की जमान के खिलाफ ईडी SC में चुनौती दी है . वहीं ईडी के इस कदम का बीजेपी ने स्वागत किया है. झारखंड बीजेपी के प्रवक्ता प्रतुल शाह देव ने कहा कि अगर एक आरोपी को जमानत दी जाती है तो सर्वोच्च न्यायलय जाना एजेंसी का अधिकार है.

आगे कहा कि इस मामले के ब्यौरे का इंतजार किया जा रहा है कि किस आधार पर ईडी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है. पहली नजर में ईडी को ऐसा लग रहा है कि झारखंड हाई कोर्ट के जजमेंट के कुछ हिस्से ऐसे हैं जिसकी जजों ने अनदेखी की है.

वहीं झामुमो का कहना है कि केंद्रीय जांच एजेंसी भाजपा के इसारे पर ही सुप्रीम कोर्ट का रूख किया है. हेमंत सोरेन का झारखंड में फिर से मुख्यमंत्री बनना भाजपा को हजम नहीं हो रहा है, हेमंत सोरेन की लोकप्रियता ने भाजपा को डरा दिया है.

इसलिए विधानसभा चुनाव से पहले से भाजपावालों ने नयी साजिश रचनी शुरू कर दी है. ये बातें झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडेय ने कही है.

SC कोर्ट जल्द कर सकती है सुनवाई

अब पूरे झारखंड की निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हुई. वहीं सुप्रीम कोर्ट जल्द ही हेमंत सोरेन के खिलाफ दायर ईडी की याचिका पर सुनवाई कर सकती है, ऐसे में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के लिए इसका नतीजा बेहद ही महत्वपूर्ण होगा और झारखंड के राजनीतिक परिदृश्य पर इसका महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ सकता है.

SC ईडी के पक्ष में फैसला सुनाएगा तो क्या होगा?

हेमंत सोरेन की जमानत के खिलाफ ईडी की दायर याचिका पर अगर सुपर्म कोर्ट ने ईडी के पक्ष में फैसला सुनाया तो इसी साल होने वाले झारखंड विधानसभा चुनाव से पहले सत्तानपक्ष को बड़ा झटका लग सकता है. और शायद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर गिरफ्तारी की तलवार फिर से लटक सकती है…

31 जनवरी को हुई थी गिरफ्तारी

कथित जमीन घोटाले मामले में ईडी ने लंबी पूछताछ के बाद 31 जनवरी 2024 को राजभवन से हेमंत सोरेन को गिरफ्तार किया था. हेमंत सोरेन अपनी गिरफ्तारी से कुछ देर पहले राजभवन जाकर सीएम पद से इस्तीफा दिया था. जिसके बाद ईडी उन्हें गिरफ्तार कर ली थी.

Tags:

Latest Updates