सरहुल जुलुस पर झांकी निकालने पर 26 लोगों पर केस क्यों हो गया ?

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राजधानी रांची में सरहुल जुलूस के दौरान केंद्रीय सरना समिति की विवादास्पद झांकी पर जिला प्रशासन द्वारा आचार संहिता का उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है. दंडाधिकारी विनय कुमार के बयान के आधार पर कोतवाली थाना में केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष सहित 26 व्यक्तियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. इसमें यह भी लिखा गया है कि गया है कि केंद्रीय सरना समिति द्वारा प्रस्तुत की गई झांकी में पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को जेल में दिखाया गया है और उसमें “जेल का ताला टूटेगा, हेमंत सोरेन छूटेगा” जैसा स्लोगन भी लिखा गया था. झांकी में दर्शाया गया कि हेमंत सोरेन का इडी द्वारा झारखंड के विकास की लड़ाई में शोषण किया जा रहा है. प्राथमिकी में यह भी उल्लेख किया गया है कि फूलचंद तिर्की के नेतृत्व में निकली झांकी में राजनीतिक मंशा का धार्मिक अवसर का उपयोग किया गया है.

धार्मिक झांकी में राजनीतिक बातों को लाया गया है, यह आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन का मामला है. दंडाधिकारी ने प्राथमिकी में केंद्रीय सरना समिति के अध्यक्ष फूलचंद तिर्की, उपाध्यक्ष प्रमोद एक्का, प्रशांत टोप्पो, निर्मल पाहन, महासचिव संजय तिर्की, सचिव विनोद उरांव तथा राजू उरांव, सुरेंद्र मुंंडा, पंचम लोहरा, विनोद भगत, शंकर लोहरा, राम उरांव, आकाश उरांव, दिनु उरांव, बलकू उरांव, किशोर लोहरा, सोनू तिर्की, कुलदीप सांगा, सोमरा उरांव, ललित कच्छप, प्रदीप लकड़ा, रवि लोहरा तथा भुनेश्वर लोहरा सहित 26 लोगों काे नामजद बनाया गया है.

अरगोड़ा के पिपरटोली द्वारा निकाली गयी झांकी पर भी दंडाधिकारी विनय कुमार के बयान पर कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है. प्राथमिकी झांकी निकालनेवाले समिति के अध्यक्ष व अन्य पर की गयी है. झांकी में आदिवासियों को पुलिस बल द्वारा दबाते हुए दिखाया गया है. झांकी में “अदानी देश छोड़ो” का स्लोगन भी लिखा था.

 

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