हेमंत सोरेन से जुड़े ज़मीन घोटाला मामले में अब रबिन्द्र नाथ टैगोर का नाम कैसे आया…

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RANCHI : ज़मीन घोटाला जांच में ईडी के आरोपपत्र में एक नया खुलासा किया गया है. जांच एजेंसी ने आरोपपत्र में बताया है कि बड़गाई अंचल के राजस्व उप निरीक्षक भानु प्रताप के घर से मिले कागजात में कवि गुरु रबींद्रनाथ टैगोर के संबंधी हिमेंद्र नाथ टैगोर की जमीन के भी दस्तावेज थे.

इस जमीन के दस्तावेजों में भी गड़बड़ी के सबूत मिले हैं। इसकी जांच तत्काल जारी है. टैगोर की यह जमीन बड़गाई मौजा के खाता नंबर 256 में है, जो कि गैरमजरुआ भूमि है। इसका कुल क्षेत्रफल 3.81 एकड़ है.

इस जमीन के म्यूटेशन नंबर 1523/2021-22 के दस्तावेज छापेमारी में मिले थे. इसके साथ ही, चिल्ड्रेन एजुकेशन ट्रस्ट ऑफ इंडिया की 4.90 एकड़ और मोरहाबादी मौजा में 4.85 एकड़ जमीन के भी दस्तावेज मिले हैं। साथ ही, कोलकाता में पंजीकृत सेल डीड भी प्राप्त हुए हैं.

भानु ने पूछताछ में बताया है कि विपिन सिंह नामक व्यक्ति अंचल कार्यालय आता-जाता था. वह गिरफ्तार अफसर अली, प्रियरंजन सहाय और शेखर कुशवाहा का नजदीकी था. इन लोगों ने मिलकर फर्जीवाड़ा कर बड़ी संख्या में जमीन की हेराफेरी की है.

एससी और एसटी एक्ट के तहत दर्ज करवाए गए मामले की जांच CBI से कराने का आग्रह किया

ED ने झारखंड हाईकोर्ट से उसके अधिकारियों और मीडियाकर्मियों के खिलाफ एससी और एसटी एक्ट के तहत दर्ज करवाए गए मामले की जांच CBI से कराने का आग्रह किया है. दरअसल 31 जनवरी को गिरफ़्तारी से कुछ घंटे पहले हेमंत सोरेन की ओर से रांची के एससी, एसटी थाने में ईडी अधिकारियों और मीडियाकर्मियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराया गया था.

जिसकी जांच फिलहाल रांची पुलिस कर रही है. रांची पुलिस ने सीआरपीसी-41ए के तहत ED के सहायक निदेशक कपिल राज, सहायक निदेशक देवव्रत झा, अनुपम कुमार और एक अन्य अधिकारी समेत ईडी अधिकारियों को नोटिस भेजा था और उन्हें पूछताछ के लिए थाना बुलाया था. हालांकि झारखंड हाईकोर्ट ने नोटिस पर रोक लगा दी थी.

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