बीते डेढ़ सालों में ED ने कितने पैसे किए जब्त, झारखंड में 5 बड़े घोटाले की कहानी

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इनदिनों झारखण्ड की राजनीती में क्या हो रहा है, क्या होगा, यह समझ से परे है. क्यूंकि, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की कुर्सी खतरे में बताई जा रही है. इस सियासी कहानी में सबसे अधिक जिस किरदार की चर्चा है, तो वो है . ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) जमीन घोटाले मामले में मुख्यमंत्री को ईडी 7 बार समन कर चुकी है. लेकिन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सातों समन को नकार दिया. आखिरी समन की मियाद भी खत्म हो गई है. वहीं अवैध खनन मामले में मुख्यमंत्री से 18 नवंबर 2022 को करीब 10 घंटे तक पूछताछ की थी.

माना जा रहा है कि झारखंड की सियासत ईडी के अगले कदम पर करवट ले सकती है, लेकिन ये पहला मौका नहीं है, जब ईडी की दबिश ने सियासी हलचल बढ़ा दी हो. बीते डेढ़ सालों में ED ने लगभग 443 करोड़ की संपत्ति सीज की और दो सीनियर IAS को गिरफ्तार किया. 29 अन्य भी गिरफ्तार किए गए हैं.

आज से ठीक पांच साल पहले साल 2018 में ED ने झारखंड में बड़ी कार्रवाई की थी. एजेंसी ने एयरपोर्ट रोड स्थित एक बंगले को सीज किया. ईडी ने इस बंगले की कीमत 50 करोड़ रुपए से अधिक आंकी थी. यह बंगला तत्कालीन ग्रामीण विकास मंत्री एनोस एक्का की पत्नी मेनन एक्का के नाम पर था. आज इसी बंगले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का कार्यालय संचालित होता है. उस साल ईडी की कार्रवाई चर्चा में रही थी. इस घटना के बाद आज बीते डेढ़ साल से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) झारखंड में पांच बड़े मामले की जांच कर रही है.

मनरेगा घोटाला

साल 2010 में खूंटी जिले में मनरेगा घोटाला सामने आया था. यह घोटाला 18.06 करोड़ का था. इस घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग को लेकर ईडी ने 6 मई 2022 को तत्कालीन खान और उद्योग सचिव पूजा सिंघल, उनके पति, भाई, सीए सुमन कुमार सहित पांच लोगों के पांच राज्यों के 23 ठिकानों पर छापेमारी की थी.

इस मामले में ईडी ने बीते 11 मई 2022 को निलंबित आईएएस अधिकारी पूजा सिंघल और उनके पति अभिषेक झा की 82.77 करोड़ की संपत्ति स्थायी तौर पर जब्त की थी।

साहिबगंज अवैध खनन घोटाला

08 जुलाई 2022 को, साहेबगंज में पत्थर के अवैध खनन और इसके टेंडर के संबंध में ईडी ने कड़ी कार्रवाई की। इस छापे में सीएम हेमंत सोरेन के विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा जैसे 14 व्यक्तियों के 18 स्थानों पर छापा मारा गया। साहेबगंज के बरहरवा में हुए टेंडर विवाद के बारे में ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था, जिसके संबंध में छापेमारी की गई थी। इस मामले में, ईडी ने 30 करोड़ की कीमत के मालवाहक को सीज कर लिया था।

जमीन घोटाला

राजधानी रांची में हुए जमीन घोटाला मामले में लगभग 236 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई है। 12 जून को 74.39 करोड़ की संपत्ति अस्थायी रूप से जब्त की थी। जिसमें सेना के कब्जे वाली 4.55 एकड़ जमीन और हेहल अंचल के बजरा मौजा की 7.16 एकड़ जमीन शामिल है। इसके अलावा ईडी ने एक सितंबर को 161.64 करोड़ की संपत्ति अटैच की है। जिनमें चेशायर होम रोड, पुगरू और सिरमटोली स्थित भूखंड शामिल हैं।

शराब घोटाला

शराब घोटाला मामले में, ईडी ने बीते साल 23 अगस्त को राज्य के वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव के आवास और 36 ठिकानों पर छापा मारा था। इस छापे में, रामेश्वर उरांव के बेटे रोहित उरांव के ठिकाने से ईडी को 30 लाख रुपये कैश मिले थे। उस समय, योगेंद्र तिवारी के ठिकानों से भी भारी मात्रा में दस्तावेज मिले थे। इस छापे में, ईडी को 30 लाख नकद सहित 1.14 करोड़ के जेवरात मिले थे।

टेंडर कमीशन घोटाला

21 और 22 फरवरी 2023 को टेंडर कमीशन को लेकर हुए घोटाला मामले में ईडी ने ग्रामीण कार्य विभाग के निलंबित मुख्य अभियंता वीरेंद्र राम और उनके 24 ठिकानों पर छापा मारा था. इस छापेमारी की कार्रवाई के बाद ईडी ने 19 अप्रैल को 39.28 करोड़ की चल-अचल संपत्तियों को जब्त किया था. ये संपत्तियां उन्होंने पद का दुरुपयोग कर अर्जित पैसे से बनाई थी। वीरेंद्र राम के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग के तहत ईडी ने यह कार्रवाई की थी. जब्त संपत्तियों में दिल्ली, जमशेदपुर और रांची स्थित फार्म हाउस, फ्लैट, डुप्लेक्स बंगला, जमीन और बैंक खाते में पड़े करीब 36 लाख शामिल हैं.

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