झारखंड सहायक आचार्य भर्ती का संशोधित रिजल्ट जल्द हो सकता है जारी, 29 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में सरकार को देना होगा जवाब
झारखंड में 26 हजार सहायक आचार्यों की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर एक राहत भरी खबर सामने आ रही है। परीक्षा का संशोधित रिजल्ट जारी करने की प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुंच गई है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट द्वारा इस मामले में तय की गई समय-सीमा अब समाप्त होने के करीब है, जिससे प्रशासनिक गलियारों और अभ्यर्थियों के बीच हलचल तेज हो गई है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश और सरकार पर बढ़ता दबाव
मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार को 29 अक्टूबर तक सर्वोच्च न्यायालय में अपना विस्तृत जवाब दाखिल करना है। दरअसल, सुप्रीम कोर्ट ने बीते 17 सितंबर को राज्य सरकार को इस विषय पर छह सप्ताह के भीतर अपना रुख स्पष्ट करने का कड़ा निर्देश दिया था। यह निर्धारित अवधि 29 अक्टूबर को पूरी हो रही है। इस समय-सीमा के भीतर ही राज्य सरकार को मुख्य सचिव के माध्यम से अदालत के समक्ष अपना पक्ष और प्रगति रिपोर्ट पेश करनी होगी।
शिक्षा विभाग ने JSSC को लिखा पत्र
समय पर कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करने के उद्देश्य से स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) को पत्र जारी किया है। विभाग ने आयोग से जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई पूरी करने को कहा है, ताकि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों का पूरी तरह से अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके। हालांकि, JSSC की ओर से अभी तक संशोधित रिजल्ट जारी करने की किसी निश्चित तारीख की आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इस देरी के कारण परीक्षा में शामिल हुए हजारों अभ्यर्थियों में असमंजस और चिंता की स्थिति बनी हुई है।
पहले से नियुक्त अभ्यर्थियों पर असर और नए अभ्यर्थियों को अवसर
उल्लेखनीय है कि JSSC द्वारा पहले जारी किए गए परिणामों के आधार पर राज्य भर में लगभग 11,300 अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं और वे सेवा दे रहे हैं। अब संशोधित रिजल्ट जारी होने की स्थिति में पूर्व में नियुक्त हुए कुछ अभ्यर्थियों का परिणाम प्रभावित होने की पूरी संभावना है।
दूसरी ओर, इस नए और संशोधित रिजल्ट से कई योग्य उम्मीदवारों के लिए सफलता के नए द्वार खुलेंगे। विशेष रूप से उन अभ्यर्थियों को चयन का अवसर मिल सकता है, जिन्होंने आरक्षित वर्ग के लिए निर्धारित शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के न्यूनतम कट-ऑफ अंकों के आधार पर परीक्षा उत्तीर्ण की थी, लेकिन मुख्य नियुक्ति परीक्षा में अनारक्षित (सामान्य) वर्ग के बराबर या उससे अधिक अंक प्राप्त किए हैं। आयोग द्वारा रिजल्ट जारी किए जाने के बाद ही भर्ती की अंतिम तस्वीर पूरी तरह साफ हो सकेगी।