दिल्ली लाल किला विस्फोट की जांच के दौरान एनआईए ने झारखंड के हजारीबाग में छापेमारी की. एनआईए और एटीएस की टीम ने हजारीबाग के पेलावल थानाक्षेत्र के अंसार नगर पहुंचकर एक संदिग्ध डॉक्टर के घर पर छापा मारा. सूत्रों के अनुसार कार्रवाई इस केस में गिरफ्तार हुए दोषी डॉक्टर के इनपुट पर की गई. संदिग्ध डॉक्टर एम्स में पढ़ने के बाद रांची में काम करने के साथ हजारीबाग में स्थित डायग्नोस्टक सेंटर में भी काम करते थे. NIA ने पिछले साल आतंकी घटना में संलिप्त पाए जाने पर डॉक्टर को गिरफ्तार किया था. दूसरी बार भी एनआईए की टीम ने डॉक्टर के घर पर छापेमारी की है.
3 गाड़ियों में हजारीबाग पहुंची एनआईए की टीम
गुरुवार की सुबह एनआईए के अधिकारी और एटीएस की टीम 3 गाड़ियों में उस इलाके में पहुंची और संदिग्ध के घर छापेमारी करने के साथ घर के सदस्यों से पूछताछ की. उस मौके पर अतिरिक्त फोर्स भी तैनात किया गया था. NIA संदिग्ध आतंकी शाहनवाज को लेकर मिले इनपुट के कारण वहां पहुंची. दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अक्टूबर 2023 में शहनवाज आलम को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया था. पुणे टेरर मॉड्यूल के मामले में उसकी गिरफ्तारी हुई थी. 2019 में हजारीबाग में डैकती और चोरी के कई मामलों में उसकी गिरफ्तारी हो चुकी थी.
एनआईए ने शाहनवाज पर रखा था 3 लाख का इनाम
शाहनवाज हजारीबाग का रहने वाला है. लगभग 8-9 महीने तक जेल में रहने के बाद दिसंबर 2020 में उसे जमानत मिली थी. इसके बाद कथित तौर से वह हैंडलर के संपर्क में आया. पुणे पुलिस की हिरासत से भागने के बाद NIA ने उस पर 3 लाख रुपये का इनाम घोषित किया था. यह कार्रवाई ऐसे समय में सामने आई जब NIA दिल्ली लाल किला धमाके की छानबीन में जुटी है. ब्लास्ट में व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल का लिंक सामने आया है. इस मामले से जुड़े कई डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया है. जम्मू-कश्मीर के बारामूला जिले के रफियाबाद इलाके के निवासी डॉ. बिलाल नसीर मल्ला को दिल्ली से गिरफ्तार किया था. डॉ. बिल्ला अल- फलाह यूनिवर्सिटी में काम कर चुका है और ब्लास्ट का 8वां आरोपी है.












