साहिबगंज स्थित नींबू पहाड़ पर 1500 करोड़ रुपये के अवैध पत्थर खनन केस में सुप्रीम कोर्ट द्वारा सीबीआई जांच जारी रखने का आदेश जारी किए जाने के बाद कई अधिकारियों, राजनीतिज्ञों और खनन माफियाओं की मुश्किलें बढ़ने वाली है. कई मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक साहिबगंज अवैध पत्थर खनन केस में सीबीआई ने जांच का दायरा नामजद अभियुक्तों के अलावा अधिकारियों और राजनीतिज्ञों तक बढ़ा लिया है.
जांच में मिले सबूतों के आधार पर सीबीआई इस केस में कई प्रभावशाली शख्सियतों को नोटिस जारी करने की तैयारी में है.
नवंबर 2023 में दर्ज किया था नियमित सदस्य
गौरतलब है कि हाईकोर्ट के आदेश पर सीबीआई (रांची) ने विजय हांसदा द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी को री-रजिस्टर किया और जांच शुरू की. प्रारंभिक जांच के बाद सीबीआई ने इस केस में नवंबर 2023 में नियमित केस दर्ज किया था. इस केस में सीबीआई ने 8 लोगों को नामजद अभियुक्त बनाया है. ईडी इसी केस में चार्जशीट भी दाखिल कर चुकी है.
साथ ही राजेश यादव उर्फ दाहू यादव को छोड़कर बाकी आरोपियों को गिरफ्तारी हुई जिनमें कुछ लोग जमानत पर बाहर हैं. गौरतलब है कि साहिबगंज पत्थर खनन केस में ईडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के तात्कालीन विधायक प्रतिनिधि पंकज मिश्रा को गिरफ्तार किया था.
पत्थर खनन केस में दाहू यादव फरार घोषित
ईडी ने पहले दाहू यादव को पूछताछ के लिए समन किया था. पहले चरण में वो अधिकारियों के सामने हाजिर भी हुआ. लेकिन, पारिवारिक सदस्य की बीमारी का बहाना बनाकर उसने बाद में आने का वादा किया लेकिन दोबारा ईडी के सामने उपस्थित नहीं हुआ. उसने अदालत में अग्रिम जमानत याचिका लगाई थी जिसे खारिज कर दिया गया. उसने ईडी को चिट्ठी लिखकर मांग रखी कि उसे 1 महीने का समय दिया जाए. हालांकि, वह कभी भी हाजिर नहीं हुआ. ईडी ने उसे फरार घोषित किया हुआ है.
पिछले साल साहिबगंज में सीबीआई ने मारा छापा
सीबीआई की टीम कई बार साहिबगंज जा चुकी है. वहां कैंप कर अवैध खनन का जायजा लिया है. स्थानीय लोगों से पूछताछ की है. नोटिस भेजकर पत्थर खनन से जुड़े लोगों को बुलाकर उनका बयान भी दर्ज किया है.
इस केस में नामजद अभियुक्तों के अलावा और भी कई लोग रडार पर हैं. नवंबर 2024 में सीबीआई ने साहिबगंज में अवैध खनन से जुड़े लोगों के करीब 20 ठिकानों पर छापा मारा.












