आखिर लोकसभा में होता क्या है, जानिए संसद से जुड़े रोचक तथ्य

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Ranchi : देश में संसदीय चुनाव होने होने जा रहे हैं. पुरे देश में 500 से अधिक सांसद चुने जायेंगे. लेकिन एक सवाल है. जो शायद आपके ज़हन में भी होगा. कि आखिर सांसद में होता क्या है. तो इस लेख में आपको आपके सारे सवालों के जवाब मिलेंगे.

संसद देश का सर्वोच्च विधायी निकाय है। हमारी संसद राष्ट्रपति और दो सदनों-लोक सभा (हाउस आफ द पीपुल) और राज्य सभा (काँसिल ऑफ स्टेट्स) से मिला कर बनती है. राष्ट्रपति के पास संसद के किसी भी सदन की बैठक बुलाने और सत्रावसान करने अथवा लोक सभा को भंग करने का अधिकार है.

26 जनवरी, 1950 को भारत का संविधान प्रभावी हुआ. वर्ष 1951-52 के दौरान नए संविधान के अंतर्गत पहला आम चुनाव हुआ और अप्रैल 1952 में प्रथम निर्वाचित संसद, अप्रैल 1957 में दूसरी लोक सभा, अप्रैल 1962 में तीसरी लोक सभा, मार्च 1967 में चौथी लोक सभा, मार्च 1971 में पांचवी लोक सभा, मार्च 1977 में छठी लोक सभा, जनवरी 1980 में सातवीं लोक सभा, दिसम्बर 1984 में आठवीं लोक सभा, दिसम्बर 1989 में नौवीं लोक सभा, जून 1991 में दसवीं लोक सभा, मई 1996 में ग्यारहवीं लोक सभा, मार्च 1998 में बारहवीं लोक सभा और अक्तूबर 1999 में तेरहवीं लोक सभा अस्तित्व में आयी.

भारत में एक संसदीय प्रणाली है, जिसमें जन प्रतिनिधियों की शक्तियों को केंद्र सरकार और राज्यों के बीच वितरित किया जाता है. इस क्रम में राष्ट्रपति देश का प्रमुख मुखिया और सभी रक्षा बलों का सर्वोच्च कमांडर-इन-चीफ होता है. वहीं, प्रधानमंत्री लोकसभा के राष्ट्रीय चुनावों में बहुमत प्राप्त राजनीतिक गठबंधन की पार्टी का नेता होता है. वह देश का प्रधानमंत्री भारत सरकार की कार्यकारी शाखा का प्रमुख नेता होता है.

लोक सभा से जुड़े पॉइंट्स

  • लोकसभा को हाउस ऑफ पीपल (लोअर हाउस) भी कहा जाता है.
  • लोक सभा जनता के प्रतिनिधियों से बनी होती है.
  • लोकसभा का उम्मीदवार देश की जनता द्वारा चुना जाता है.
  • लोकसभा में कुल 552 सीट होती है.
  • लोकसभा में राज्यों का प्रतिनिधित्व करने के लिए 530 सदस्य और केंद्र शासित प्रदेशों का प्रतिनिधित्व करने के लिए
  • 20 सदस्य शामिल हो सकते हैं.
  • लोकसभा सदस्य बनने के लिए 25 वर्ष से अधिक आयु होना चाहिए। इसके साथ ही व्यक्ति का भारतीय नागरिक होना जरूरी है.
  • लोकसभा सदस्यों का कार्यकाल पांच साल के लिए होता हैं। लेकिन प्रधानमंत्री की सलाह पर उसे राष्ट्रपति पहले भी भंग कर सकता है.
  • लोकसभा को असामान्य स्थिति या अन्य बड़े कारणों के चलते भंग भी किया जा सकता है.
  • लोकसभा का काम कानून बनाना, कानून में संशोधन करना , मंत्रिपरिषद के कामों पर अपना नियंत्रण रखना और जनता पर कर लगाने और खर्च करने का निर्णय लेना होता है.

फिलहाल इस लेख में लोकसभा की बात है. इसके अगली कड़ी में राज्य की बात करेंगे.

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